नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पिछले ही दिनों आसाराम ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी कि उसे कई बीमारियां हैं और वह एलोपैथिक पद्धति से इलाज नहीं कराना चाहता। आसाराम का कहना था कि उसे उसके आश्रम में रहने का मौका दिया जाए, जहां वह आयुर्वेदिक पद्धति से अपना इलाज कराएंगे। इसी बीच 5 मई को आसाराम को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके चलते उसे एम्स में एडमिट कराया गया था। आसाराम के वकील जेएस चौधरी ने कहा कि उसे जोधपुर स्थित पाल गांव में अपने आश्रम में रहने दिया जाए। वहां उसके अनुयायियों की ओर ओर से मेडिकल फैसिलिटी विकसित करने की अनुमति दी जाए।
आसाराम के वकील ने कहा कि इलाज के लिए उनकी सजा को निलंबित कर दिया जाए। इसके लिए वह किसी शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि कोर्ट ने रेप के दोषी आसाराम की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने आसाराम की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि उसे आंतों में समस्या है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक हालत स्थिर है और इस समस्या का इलाज जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भी उपलब्ध है। इसके अलावा सजा के निलंबन की मांग को लेकर कोर्ट ने कहा कि आसाराम पर गुजरात से जुड़ा एक मामला भी चल रहा है। इसमें भी वह रेप का आरोपी है। ऐसे में उसकी सजा को निलंबित नहीं किया जा सकता।


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